जानिये और विस्तार से समझिये ऑन-पेज ऑप्टिमाइज़ेशन और कंटेंट एसईओ के टिप्स के बारे में | Jaaniye aur detail se samjhiye on page optimization aur content SEO ke tips ke bare mein
जानिये और विस्तार से समझिये ऑन-पेज ऑप्टिमाइज़ेशन और कंटेंट एसईओ के टिप्स के बारे में | Jaaniye aur detail se samjhiye on page optimization aur content SEO ke tips ke bare mein

जानिये और विस्तार से समझिये ऑन-पेज ऑप्टिमाइज़ेशन और कंटेंट एसईओ के टिप्स के बारे में | Jaaniye aur detail se samjhiye on page optimization aur content SEO ke tips ke bare mein

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जानिये और विस्तार से समझिये ऑन-पेज ऑप्टिमाइज़ेशन और कंटेंट एसईओ के टिप्स के बारे में | Jaaniye aur detail se samjhiye on page optimization aur content SEO ke tips ke bare mein

एसईओ के पेड़ पर (on the tree of seo) ऑन-पेज ऑप्टिमाइज़ेशन ‌(On-Page Optimization) वाली डाल पर आम बहुत नीचे लटकते हैं। आप अपने मौजूदा कंटेंट (current content) को ऑप्टिमाइज़ कर सकते हैं।

ऑन-पेज ऑप्टिमाइज़ेशन करने से आपके कंटेंट को ऑर्गैनिक ट्रैफ़िक (Organic Traffic) मिलता है, रैंक अच्छी होती है (good ranking) और बढ़िया आमदनी (incredible income) हो सकती है।

चाहे आपने कंटेंट को अभी तक ऑप्टिमाइज़ न किया हो लेकिन आप फ़ायदा लेने के लिए कुछ ट्वीक्स (Some tweaks) करके अपनी साइट पर ऑर्गैनिक ट्रैफ़िक को बढ़ा सकते हैं (it can increase organic traffic)।

अपने प्रकाशित कंटेंट (posted content) का ऑन-पेज ऑप्टिमाइज़ेशन कैसे किया जाए? यह पोस्ट इसी बारे में है।

कंटेंट ऑप्टिमाइज़ करने के लिए आप दो बातें ध्यान रखनी होगी:

– आपने कंटेंट लिखने से पहले कीवर्ड रिसर्च (keyword research) की थी

– या आपने नहीं की थी

आपको अवसर इन्हीं दो बातों से मिलेंगे।

ऑन-पेज ऑप्टिमाइज़ेशन | On-Page Optimization in SEO

स्थिति 1 – ऑप्टिमाइज़ कंटेंट को और बेहतर करना | Make optimization content better

सबसे पहले आपको देखना होगा कि: You have to see this first

  1. क्या आपने कंटेंट प्रकाशित करने से पहले ऑन-पेज एसईओ ‌(On-Page SEO) किया था?
  2. क्या मैंने अपनी साइट के लिए बेस्ट कीवर्ड सर्च (Best Keyword Search) किया था?

दोनों ही प्रश्नों के उत्तर में आपके पास दो विकल्प (2 options) ही हैं।

विकल्प 1 – कंटेंट का पूरा ऑप्टिमाइज़ेशन करना

अगर आप मेरी तरह हैं, आपने सारा काम ठीक से किया है (done all work correctly) लेकिन ऐसा कुछ है जिसके बारे में आप भूल गए हैं।

ऑन-पेज ऑप्टिमाइज़ेशन को चेक करने के लिए किसी ऑन-पेज एसईओ चेकर टूल का प्रयोग (use on page seo checker tool) कर सकते हैं, जिससे आपको पता चला जाएगा कि आपने कीवर्ड को सही जगह इस्तेमाल किया है या नहीं, आपने कंटेंट में लगी इमेज और मेटा टैग्स को ऑप्टिमाइज़ (image and meta tags optimization) किया है या नहीं। इससे आपको उन बातों का पता चल सकेगा, जो काम आप करना भूल गए थे (work you forgot to do)।

विकल्प 2 – बेस्ट कीवर्ड सर्च कीजिए

कौन सा कीवर्ड ट्रैफ़िक बढ़ाएगा, इसकी सटीक जानकारी करना मुश्किल (accurate information is very difficult) है। मनचाहे परिणाम बहुत सी बातों पर निर्भर करते हैं। जैसे:

– कीवर्ड लोकप्रियता (Famous keywords)

– कीवर्ड कॉम्पटीशन (keyword competition)

– सर्च के लिए आपका कंटेंट कितना सही है

– निर्धारित टॉपिक (particular topic) के लिए आपकी साइट कितनी मान्य है

– और बहुत सी बातें…

कभी कभी किसी चुने हुए कीवर्ड (selected keywords) से एक कंटेंट पर बहुत सारा ट्रैफ़िक मिलता है। गूगल सर्च कंसोल (Google Search Console) से आपको काम की जानकारी बड़ी आसानी से (can get information very easily) मिल जाएगी।

एक उदाहरण लेते हैं: Lets take an example

जब आप किसी साइट की गूगल कंसोल रिपोर्ट (google console report) को Impressions के लिए सोर्ट करते हैं। तो आपको इम्प्रेशन ज़्यादा होने के बावजूद भी कम सीटीआर (low CTR) देखने को मिल सकता है।

फिर ज़्यादा इम्प्रेशन किस काम के हैं?

इसके बाद हम किसी पेज के लिए क्वेरी रिपोर्ट (query report) को देखेंगे। इसके बाद हम फिर से Impressions के अनुसार रिपोर्ट को सोर्ट करके जानेंगे कि कौन सा कीवर्ड (sort the keywords)  ज़्यादा इम्प्रेशन दे रहा है।

ज़्यादा इम्प्रेशन देने वाला टॉप कीवर्ड (Top Keyword) हमेशा ही अच्छा माना जाता है। आप कॉमन कीवर्ड जैसे Google, Facebook, Yahoo) या ऐसे किसी कीवर्ड पर ध्यान न दें, जो बहुत ब्राड हो। यानि किसी दूसरी साइट के लिए भी काम आ सकता हो।

आपको ऐसे कीवर्ड पर ध्यान देना चाहिए जिसे लोग सर्च करके आपकी साइट पर आएं न कि आपके कॉम्प्टिटर की साइट (site of your competitor) पर पहुंच जाएं।

आपको कुछ संबंधित कीवर्ड ढूंढकर (search related keyword) उनकी तुलना (comparison) करनी चाहिए। इससे आपको किस कीवर्ड को प्रयोग करना है, पता चल जाएगा। आप लम्बे कीवर्ड (Long tail keywords) पर अधिक ध्यान दें। इससे आपको भले ही क्लिक कम (less keyword) मिलेंगे लेकिन आपकी साइट सर्च में ज़्यादा ऊपर (sites comes up in search) आ जाएगी।

उदाहरण के लिए Love को कीवर्ड चुनने (select) की बजाय आपको Love Text Messages जैसा कोई कीवर्ड रखना चाहिए। इससे आप बड़ा फ़ायदा (you will get good benefit) मिलेगा।

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स्थिति 2 – कंटेंट पहले ऑप्टिमाइज़ नहीं किया गया है | Content not optimize before

यह बहुत आम स्थिति है। बहुत से ब्लॉगर शुरुआत से एसईओ पर ध्यान (not working on SEO) नहीं देते हैं। अगर आपने पहले अपनी साइट के कंटेंट को कीवर्ड के अनुसार प्रकाशित नहीं किया है तो आपके पास अवसर है (chance) कि सही कीवर्ड चुनकर उसका लाभ (take gain of good keyword) उठाया जाए। इससे आपकी साइट पर ऑर्गैनिक ट्रैफ़िक (Organic Traffic) आने लगेगा।

इस काम के लिए भी आप गूगल सर्च कंसोल की मदद ले सकते हैं। जहाँ से आपको सटीक कीवर्ड की जानकारी (information of exact keyword) मिल सकती है।

यहाँ कई बातें हैं, जिनका आपको ध्यान रखना होगा:

– क्या चुने हुए कीवर्ड पर ज़्यादा ट्रैफ़िक मिलेगा (get more traffic on selected keywords)

– अगर ट्रैफ़िक है तो क्या क्लिक होंगे

– क्या चुना गया कीवर्ड आपके कंटेंट के हिसाब (keyword related to your content) से सही है

अगर ऊपर की सभी बातों का जवाब हाँ है तो आपको अब कीवर्ड की लोकप्रियता और कॉम्प्टीशन (Keyword Popularity & Keyword Competition) पर भी एक नज़र दौड़नी होगी। जिससे आपको पहले से अच्छी रैंक मिलने की संभावना ज़्यादा (increase the possibility of good ranking) बढ़ जाए।

आपको याद रखना है कि आपके द्वारा चुना हुआ कीवर्ड सर्च इंजन क्रालर्स (Search Engine Crawlers) को यह सिगनल (signal) भेजे कि आपका कंटेंट किस टॉपिक के बारे में है। आपको अपनी साइट के हर कंटेंट के लिए सही कीवर्ड चुनकर प्रयोग करना है। जिससे आपकी साइट का हर पेज बढ़िया रैंक (you can get good rank for your page) पा सके।

फलस्वरूप, सर्च इंजन क्रालर्स:

– समझ लेते हैं कि आपका कंटेंट किस बारे में है

– आपके टॉपिक के लिए चुना हुआ कीवर्ड कितना सही है

– ये निर्णय (decision) कर पाते हैं कि आपका कंटेंट कैसे और कहाँ रैंक करना है

एसईओ कंटेंट – ऑन-पेज ऑप्टिमाइज़ेशन टिप्स | SEO content – On Page Optimization Tips

आपके द्वारा अपनायी गई ऑन-पेज ऑप्टिमाइज़ेशन एप्रोच से हटकर, यहाँ हम आपको कंटेंट ऑप्टिमाइज़ करते समय ध्यान रखने वाली बातें बता रहे हैं।

  1. बड़े प्रभाव के हिसाब से प्राथमिकताएँ बनाएँ

भले आप अपने पुराने कंटेंट को ऑप्टिमाइज़ (optimizing old content) कर रहे हैं और आपको बहुत कम मेहनत (less work to do) करनी है। लेकिन फिर भी आपको बहुत समझदारी से काम लेना होगा।

उन अवसरों पर ज़्यादा देने की ज़रूरत है, जहाँ से आपको अधिक ट्रैफ़िक मिलने की संभावना (from where you can get more traffic) है।

आपने ऊपर उदाहरण में पढ़ा था कि एक पेज पर इम्प्रेशन बहुत अधिक हैं लेकिन उसका सीटीआर कम (good impressions but less CTR) है। किसी कीवर्ड के लिए लोकप्रियता (famous) के हिसाब से इम्प्रेशन (impression) एक झूठ भी हो सकता है, क्योंकि यह ज़रूरी नहीं है कि उस कीवर्ड के लिए आपकी साइट अच्छी रैंक पा ही सके। कम सीटीआर को पेज टाइटिल और मेटा डिस्क्रिप्शन को ऑप्टिमाइज़ (page title and meta description) करके बढ़ाया जा सकता है। इसके साथ ही उस पेज की रैंक बढ़ाने से भी फ़ायदा (benefit) होता है।

  1. ब्राड कीवर्ड का चयन न करें | Choose broad keyword

गूगल सर्च कंसोल डेटा (google search console data) को देखने पर आपको बहुत से ब्राड कीवर्ड (Broad Keywords) देखने को मिलेंगे जिन पर बहुत सारे इम्प्रेशन हो जाते हैं।

ब्राड कीवर्ड पर भले ही चार गुना इम्प्रेशन दिखे लेकिन आपको सही कंवर्ज़न लांग टेल कीवर्ड (conversion on long tail keywords only) पर ही मिलेगा।

  1. कीवर्ड को कंटेंट से भिन्न न रखें | Separate keywords from content

अगर आप पुराना कीवर्ड हटाकर नया कीवर्ड चुन रहे हैं (choosing new keyword on old keyword) तो आपको इस बात का ध्यान देना होगा कि वह कीवर्ड आपके कंटेंट की अर्थ को ही न बदल दे। अगर ऐसा हुआ तो आपको अपने कंटेंट का कुछ हिस्सा दुबारा लिखने की ज़रूर पड़ सकती है। इस स्थिति में पुराने की बजाय कोई नया कंटेंट तैयार करना कहीं अधिक बेहतर है (good to make new content rather than changing old content)।

  1. इंटर्नल लिंक्स को अपडेट करें | Update your internal links

जब आप कंटेंट का कीवर्ड बदलते हैं तो आपको यूआरएल भी अपडेट (you have to update the URL too) करना होता है। ऐसी स्थिति में अगर आपने पुराने लिंक को कहीं किसी पेज पर लिंक किया है तो उसको बदलना भी बहुत (very important to change it) ज़रूरी है। उस इंटर्नल लिंक (Internal Link) का एंकर टेक्स्ट (Anchor Text) गूगल को यह बताने में बहुत काम करता है कि आप कंटेंट किस बारे में है। इसलिए उसी के मुताबिक आपको नया एंकर टेक्स्ट (new anchor text) भी रखना होता है।

  1. पेज टाइटिल, मेटा डिस्क्रिप्शन और इमेज आदि भी अपडेट करें | Update your title, meta description and images

जब आप नया कीवर्ड चुनते हैं तो आपको टार्गेट कीवर्ड (Target keyword) सभी सही जगह लिखना ज़रूरी (write on proper place) हो जाता है। इसके ऑन-पेज एसईओ चेकर टूल प्रयोग (use on page seo check tool) में लाया जा सकता है।

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